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Friday, December 31, 2010

आइए कुछ ऐसा करें।


अक्सर पुराने साल में जो नहीं कर पाए उसकी शिकायत और नए साल के संकल्प। शायद यही तो है, थर्टी फस्र्ट। लेकिन मुझे लगता है, ऐसा कुछ भी नहीं है। मेरे लिए 2010 वेरी प्रॉसपेरस रहा। हर कदम पर एक नया अनुभव और मेरी यूएसपी सकारात्मकता में बेइमतहां इजाफा हुआ है। 2010 से मुझे न कोई शिकायत रही न रहा कोई गिला। नए साल के लिए कुछ प्लानिंग होनी चाहिेए। लेकिन इस तरफ कुछ करने की योजनाएं हैं। दोस्तों इस साल इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि हम सब मिलकर एक ऐसा ग्रुप बनाएं, जो सोशल स्टडी के साथ ही साथ सिस्टम की खामियों को दूर करने के लिए शोध करे और ऑल्टरनेटिव्स खोजे। आम लोगों की व्यवस्था। सियासी गंदगी को साफ करने के लिए की जाने वाली व्यवस्था के लिए किसी और को छोड़ दें। बाकी के लिए हम रहें. यानी वेरी प्रैक्टिकल सॉल्यूशन। इनमें हमें भारतीय चुनाव प्रणाली से घृणा करने की बजाए एक वैकल्पिक इससे अच्छी व्यवस्था देने की तरफ ध्यान देना है। इस सिलसिले में जल्द ही हम कुछ चुनिंदा लोग मिलकर इस तरह का प्रयास करने जा रहे हैं, जिसमें सारी बातें बहुत ही औपचारिक और कार्यरूप में परिणित होने वाली की जाएंगी। यह पूरी तरह से वर्चुअल वेबसाइट होगी। इसके सदस्यों को हर विषय पर बोलने का हक और उसपर काम करने का आजादी होगी। दोस्तों मुझे भरोसा है इस काम में आपको मजा भी आएगा और अपने अंदर की बात को कार्यरूप में परिणित होते देखकर खुशी भी होगी। हमारा मकसद होगा सिर्फ और सिर्फ प्रैक्टिकल बाते करना और उन्हें कैसे भी करके इंप्लीमेंट करवाना। इस काम में मेरे सीनियर (प्रोफेशनली और एकडेमिक) प्रसून जी का विशेष योगदान मिलने की आशा है। साथ में मेरे अभिन्न रोहित मिश्र की वैचारिक संपदा का हमें सदैव सहयोग मिलेगा। इसकी शुरुआत भले ही यूनिवर्सिटी के पूर्व और वर्तमान छात्रों के संगठन के रूप मे की जाएगी, लेकिन यह वास्तव में देश के हर युवा विचारवान व्यक्ति का अपना मंच होगा।
भाइयों इस विचार के साथ कि जरूर हम इसे वास्तु रूप में बदल पाएंगे। इस विषयक जनवरी में पूरी तैयारी करने और मार्च तक विधिवत लॉन्च करने की तैयारी है। आगे तो फिर मेरी उम्र रही तो जरूर कुछ करेंगे। आपके वैचारिक, निर्देशात्मक और सुझावात्मक सहयोग की अपेक्षा है। इसे लेकर मेल करें या फोन करें या आप एसएमएस भी कर सकते हैं। ०९००९९८६१७९ इ-मेल sakhajee@gmail.com

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