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Sunday, June 29, 2008

डेमोक्रसी

गुज्जर उग्र आन्दोलन करके अपने मंसूबों में सफल हो गए । सरकार को डरा कर आरक्षण ले लिया । अब कोई अचम्भे की बात नही होगी अगर इस देश में ऐसे कई खूनी और वहशी आन्दोलन और हों । कभी आरक्षण पाने के लिए , कभी उस से मुक्ति पाने के लिए । क्यूंकि सरकार को झुकाने का हुनर यहाँ के फ़रज़न्दों को मालूम है । और फिर भारत में डेमोक्रसी भी तो है । जनता ही तो सब कुछ है यहाँ ..... लेफ्ट और कांग्रेस की नूरा कुश्ती में पहलवानों को अखाडे में उतारने वाली भी यही है ....और ठहाके लगाने वाली भी .......ये पब्लिक है। डेमोक्रसी की एक परिभाषा अब्राहम लिंकन ने दी थी । आपको मालूम होगी । एक अशोक चक्रधर जी की दी हुई है । उस पर नज़र डालें ..........

"जनता की , जनता के लिए , जनता द्वारा ऐसी-तैसी

इट इज काल्ड .........................................डेमोक्रसी "

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