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Friday, May 29, 2009

मेरी किताब छप गई दोस्तों !

मुझे आप सबको ये बताते हुए अत्यन्त खुशी हो रही है की मेरी कविताओं का पहला संग्रह "अमां यार" के नाम से अपर्णा पब्लिकेशन, भोपाल ने प्रकाशित किया है । "अमां यार" के नाम से मेरे ब्लॉग को भी जाना जाता है और अब मेरी किताब भी इसी नाम से है .....

अमां यार दरअसल मेरी उन कविताओं का संकलन है जिन्हें मैंने भोपाल में रहते हुए स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान लिखा है ....इसी लिए अमां यार के बारे में मैं कहता हूँ की ये दरअसल कोई काव्य कृति नही जिससे कविता के किसी नए गोत्र का उद्भव हो रहा हो...न ही इस पुस्तक से मैं साहित्य के किसी मठ में जगह पाना चाहता हूँ....ये तो दरअसल कॉलेज कैंटीन में , या ऑफिस के बाहर चाय की गुमटी पर सजी यारों की महफिल है जिसमे इस बार मैं अपना कलाम सुना रहा हूँ....अमां यार को मैंने मित्रता की अनंत यात्रा को ही समर्पित भी किया है ...

अमां यार का प्राक्कथन जैसा की मेरी हमेशा से इच्छा थी , बशीर बद्र साहब ने लिखा है , इसके अतिरिक्त इस पर हमारे लखनऊ की शान योगेश प्रवीण साहब , और मध्य प्रदेश के कला-पत्रकार विनय उपाध्याय ने भी अपने उदगार व्यक्त किए हैं ...

उम्मीद है आपको मेरा ये पहला प्रयास पसंद आएगा और आप मेरे कवित्त्व की न सही पर मेरे प्रयास को तो पहचानेंगे ही.... पुस्तक ३ तारीख के बाद बाज़ार में उपलब्ध हो जायेगी , क्यूंकि ३ को हमारे विश्वविद्यालय के कुलपति इसका विमोचन करेंगे .... न प्राप्त होने की दशा में आप सीधे मुझसे संपर्क साध सकते हैं .....

हिमांशु बाजपेयी

फ़ोन - 9981907330

4 comments:

  1. कविता संकलन के प्रकाशन के लिए बधाई!

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  2. himanshu sir, "amma yaar" ke vimochan ke liye aapko hamare cavs ke junior parivar ki taraf se hardik shubhkaamnaye................

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  3. himanshu badhiya kitab hai yaar ek hi baar me saara padhta chala gaya.... badhayee aapko...

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  4. हमारी तो सारी पहले ही पढ़ी गई हैं.....
    बधाई

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