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Tuesday, May 11, 2010

राडिया के बहाने रिश्ता-रिसर्च...


कहानी उलझ रही है या सुलझ रही है यह तो आप तय करे। अपना काम आपको तथ्य बताने का है। दूरदर्शन के भूतपूर्व महानिदेशक भास्कर घोष ने एक टीवी चैनल शुरू किया था। नाम है ’’नाइन एक्स’’। चैनल बहुत धूम धड़ाके से शुरू हुआ और इसके पहले संपादक थे- वीर सांघवी। उन्हें चैनल में शेयर्स भी दिए गए थे मगर कुछ ही दिनों बाद वहां से चलते बने।
चैनल चला नहीं और फिर दृश्य में आई हमारी आपकी परिचित सुपर फिक्सर नीरा राडिया। उनके फोन की टैप की हुई बातचीत से पता चला है कि इंदौर के एक सेठ विनय छजलानी को उन्होंने सिर्फ मुखौटा बन कर यह चैनल खरीद लेने के लिए पटा लिया। पैसा अंबानी परिवार का लगा था और दो विदेशी कंपनियों के जरिए लगाया गया था। विनय, अभय छजलानी के बेटे हैं। अभय छजलानी हाल ही में पद्म श्री प्राप्त कर चुके हैं और इस उपलब्धि के चक्कर में पूरे देश के पत्रकारों को बुला कर शाही दावत दे चुके हैं।
छजलानियों के समूह के एक बड़े पत्रकार का नाम भी राडिया के दोस्तों में हैं मगर अभी दस्तावेज सामने नहीं आए इसलिए वे अपना आलोक बिखेर रहे हैं। मगर कहानी यह नहीं है। आज हम आपको यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि राजनीति, कारोबार और पत्रकारिता आपस में इतने घुल मिल गए हैं कि समझ में नहीं आता कि कौन कहां है और क्यों है? एनडीटीवी की बरखा दत्त पर ए. राजा को मंत्री बनाने के लिए भागदौड़ करने का इल्जाम लग चुका है मगर उनकी तरफ से कोई सफाई नहीं आई और किसी भी चैनल या पत्रिका ने उनसे सवाल भी नहीं पूछा। अब प्रणय रॉय एनडीटीवी के मालिक हैं। उनकी पत्नी राधिका बृंदा करात की बहन हैं। बृंदा करात मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो में हैं और इसके महासचिव प्रकाश करात की पत्नी भी है। प्रकाश करात चेन्नई में एन. राम, पी. चिदंबरम और मिथिली शिवरामन के साथ एक डिबेटिंग क्लब में थे और एक पत्रिका भी निकालते थे।
मार्क्सवादी पार्टी के सीताराम येचुरी की पत्नी का नाम सीमा चिश्ती है। सीमा चिश्ती इंडियन एक्सप्रेस की स्थानीय संपादक हैं। इंडियन एक्सप्रेस के संपादक शेखर गुप्ता एनडीटीवी पर एक बहुत शानदार कार्यक्रम करते हैं। राजदीप सरदेसाई पहले एनडीटीवी के प्रबंध संपादक थे। उनकी शादी सागरिका घोष से हुई है। सागरिका घोष नाइन एक्स वाले भास्कर घोष की बेटी हैं। भास्कर घोष दूरदर्शन के महानिदेशक थे और उन्होंने एनडीटीवी को एक प्रोडक्शन हाउस के तौर पर करोड़ों रुपए के कार्यक्रम दिए। सागरिका की बुआ रुमा पाल सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश रही हैं और दूसरी चाची अरुंधती घोष संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि है।
करन थापर आईटीवी कंपनी चलाते हैं जो बीबीसी के लिए कार्यक्रम बनाती है। करन थापर के पिता जी जनरल प्राण नाथ थापर के नेतृत्व में 1962 में चीन से हारा था भारत। करन थापर बेनजीर भुट्टो और वर्तमान पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खास दोस्त हैं। करन थापर के मामा की शादी जवाहर लाल नेहरू की भांजी और विजय लक्ष्मी पंडित की बेटी नयन तारा सहगल से हुई थी। राहुल बोस खालिद अंसारी के साढ़ू हैं। खालिद अंसारी मिड डे समूह के मालिक रहे हैं और हाल ही में दैनिक जागरण समूह को उन्होंने प्रकाशन बेच दिया है। खालिद अंसारी के पिता जी अब्दुल हमीद अंसारी कांग्रेस के नेता थे और स्वाधीनता संग्राम सेनानी भी थे। भारत में क्रिश्चियन आंदोलन के प्रवक्ता जॉन दयाल मिड डे के संपादक थे।
एन राम की पहली पत्नी का नाम सूजन हैं और वे आयरलैंड से हैं। इन दोनों की बेटी विद्या राम पत्रकार है। एन राम की शादी अब मरियम से हुई है और एन राम, जेनिफर अरुल और के एम रॉय कैथोलिक विषक कांफ्रेंस चलाने वाली संस्था के संस्थापक हैं। जेनिफर अरुल दक्षिण भारत में एनडीटीवी की स्थानीय संपादक हैं। वे इंडोनेशिया के चैनल एस्ट्रो स्वामी के लिए भी काम करती हैं। के एम राय हिंदू अखबार में काम करते हैं और समूह के मंगलम प्रकाशनों के संपाकद भी है। उन्हें ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन लाइफ टाइम पुरस्कार मिल चुका है जिसके उपाध्यक्ष डॉक्टर जॉन दयाल है। जोसेफ डिसोजा महासचिव हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अनुसूचित जाति, जनजाति समिति के सलाहकार भी है।
सुहासिनी हैदर सुब्रमण्यम स्वामी की बेटी है जिनकी शादी सलमान हैदर के बेटे से हुई है। सलमान हैदर 1996 तक भारत के विदेश सचिव के और बाद में ब्रिटेन और चीन में राजदूत भी रहे हैं। वे खुद स्टेटस मैन में कॉलम लिखते हैं और फोर्ड फाउंडेशन से पैसा ले कर साउथ एशियन पॉलिटिकल इनिशिएटेड नाम की एक दुकान चलाते हैं। तोसीह नाम का एक फारसी अखबार है जिसके हैदराबाद से निकलने वाले वार्ता से व्यवसायिक संबंध हैं। वार्ता एजीएफ पब्लिकेशंस चलाता है जिसके मालिक गिरीश सांघी हैं। गिरीश सांघी अखिल भारतीय वैश्य फैडरेशन के अध्यक्ष हैं जिसके सलाहकार समूह में दैनिक जागरण के चेयरमैन महेंद्र मोहन गुप्ता है।
डेक्कन क्रॉनिकल आईपीएल में टीम के मालिक होने के अलावा आंध्र भूमि नाम का एक तेलगू अखबार भी निकालता हैं। एमजे अकबर द्वारा शुरू किए गए एशियन एज को अब उसने हड़प लिया है। न्यूयार्क टाइम्स का प्रकाशन साझीदार बन गया है और इंटरनेशन हैराल्ड ट्रिब्यून का प्रकाशन भी करता हैं। डेक्कन क्रॉनिकल के मालिक टी वेंकट राम रेड्डी कांग्रेस की ओर से राज्य सभा के सदस्य भी रह चुके हैं। इसी समूह के संपाकद रहे एम जे अकबर भी एक बार कांग्रेस की ओर से लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं।
आंध्र प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वाई एस राजशेखर रेड्डी वाई एस जगन अखबार और टीवी चैनल चलाते हैं। उनके दोस्त करुणाकर रेड्डी तिरुपति न्यास के अध्यक्ष है और साक्षी नाम का अखबार चलाते हैं। ये अखबार लैंको ग्रुप के निवेश से चलता है और इसके उपाध्यक्ष श्रीधर के भाई एल राजगोपाल कांग्रेस के सासंद रह चुके हैं और वे भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री पी उपेंद्र के दामाद हैं। कहानी अभी और भी हैं और बगैर राजनैतिक या व्यापारिक संपर्कों के अगर आप पत्रकारिता में शिखर पर पहुंचना चाहते हैं तो आपकी उम्मीदें काफी हद तक बेकार साबित होंगी। यह रिश्तों, सौदों, दलालियों और भारी निवेश का खेल बन गया हैं।
आलोक तोमर
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार, फिल्म-टीवी के पटकथा लेखक हैं।)

1 comment:

  1. शर्म आती है ऐसे पत्रकारों पर जिसने रिश्तों की आर में पत्रकारिता को सत्ता की दलाली और वेश्याविर्ती से भी बदतर अवस्था में पहुंचा दिया है / अब तो पत्रकारिता लोकतंत्र के बर्बादी का खम्भा के रूप में स्थापित हो चूका है /

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