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Saturday, March 27, 2010

ये दूरियां ये दूरियां

दरअसल कांग्रेस के लिए अमिताभ बच्चन को अपमानित करने का यह मामला पहली बार नही है.जब दिसम्बर 2003 मे गोआ मे फिल्म समारोह की शुरूआत होनी थी तो अमिताभ बच्चन को मुख्य अतिथि बनाया गया था लेकिन कांग्रेस को यह कभी भी पसंद नही था कि उसके शासित राज्य में अमिताभ बच्चन किसी भी समारोह का मुख्य अतिथि बने और इस वजह से आनन फानन में कांग्रेस ने अमिताभ बच्चन को इस समारोह के लिए गुड बाय कह दिया. सवास अमिताभ बच्चन से डरकर भागने का नही है सवाल यह है कि कांग्रेस पार्टी आखिर कब तक गांधी परिवार के भरोसे चलते रहेग. भारत की सबसे बड़ी पार्टी के सामने यह सवाल खड़ा होना लाजिमी है कि क्यो नही कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर गांधी खानदान से बाहर क्यो बड़ा लीडर पैदा नही किया.. यह सवाल मै इसलिए खड़ा कर रहा हूं ताकि फिर कभी अमिताभ जैसे महानायक का अपमान कांग्रेस के आला नेतृत्व के इशारे पर नही हो सके. अमिताभ करोड़ो के दिल पर राज करते है और देश के प्रति उन्होने जो वफादारी और पारदर्शिता दिखाई है वो किसी से छुपी नही है.अमिताभ जो ने लोकप्रियता हासिल की हैं वो उनकी मेहनत से उन्हे मिली है ना कि विरासत से. फिर कांग्रेस को यह अधिकार किसने दिया कि वो इस तरह बच्चन को जलील करे.कांग्रेस के कुछ नेता यह कह रहे कि चुकि गुजरात के ब्रांड एम्बेस्डर मोदी बन गये है इसलिए अशोक च्वहाण को उनके साथ नही होना चाहिए था. अब प्रश्न यह उठता है कि बच्चन हाल फिलहाल मे ही गुजरात का ब्रांड एम्बेस्डर बने है लेकिन दिसम्बर 2003 में गोवा में जो फिल्म समारोह हुआ था उस वक्त तो वे गुजरात के ब्रांड एम्बेस्डर नही थे तो फिर कांग्रेस ने उस वक्त उनका अपमान क्यो किया . प्रियंका गांधी की शादी मे अमिताभ बच्चन या उनके परिवार को आमंत्रित नही किया गया था लेकिन अमिताभ ने खुद्दारी का परिचय देते हुए गांधी परिवार को निमंत्रण कार्ड देने के लिए खुद अमिताभ के भाई अजिताभ गये थे लेकिन गांधी परिवार से कोई भी शादी में शामिल होने के लिए नही आया क्या यह अमिताभ बच्चन का अपमान नही था और अमिताभ बच्चन तो हाल फिलहाल मे गुजरात के ब्रांड एम्बेस्डर बने है .मै इन सारी बात का उल्लेख इसलिए कर रहा हूं ताकि कांग्रेस के आला नेता के दो मुंही बात का पता आपको और हमे चल सके. जब इरादे गलत हो तो किसी को कोई भी किसी भी बहाने से बेइज्जत कर सकता है... अब अगर अमिताभ गुजरात के ब्रांड एम्बेस्डर बन गये तो क्या कांग्रेस को इस पर सवाल उठाने का कोई अधिकार है कदापी नही क्योकि गुजरात मोदी की अपनी संपत्ति नही है वे तो केवल वहां के सीएम है जिसे गुजरात की जनता ने जिताकर भेजा है .....ठीक इसी तरह जिस तरह सी लिंक अशोक चव्हाण की बपौती नही है.. क्रमश:

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