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Friday, March 26, 2010

अमिताभ और कांग्रेस

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और उस पर महाराष्ट्र के सीएम के चेहरे पर चिंता की लकीरे
जिस तरीके से कांग्रेस अमिताभ बच्चन को अपमानित कर रही है वो किसी भी दृष्टिकोण से जायज कहा जा सकता है . कांग्रेस को एतराज इस बात से है कि चुंकि वे गुजरात के ब्रांड एम्बेस्डर है इसिलए किसी भी कांग्रेसियों को उनसे परहेज करना चाहिए. क्या गुजरात भारत से बाहर है या फिर गुजरात के सीएम अलोकतांत्रिक तरीके से चुने गये है यह बात बताना नही होगा कि मोदी 2002 से गुजरात के सीएम है और वहां की जनता ने 2 बार उन्हे भारी मतो से चुनकर वहां का सीएम बनाया है तो फिर गुजरात का ब्रांड एम्बेस्डर अगर अमिताभ बनते है तो क्या आपत्ती होनी चाहिए. अशोक चव्हान अमिताभ बच्चन के साथ बैठे थे अजमल कशाब या अफजल गुरू के साथ नही तो फिर क्या विपत्ती आ पड़ी की चव्हान को कांग्रेस अलाकमान के सामने अपनी सफाई देनी पड़ी. जिस सोनिया गांधी के सामने कृपा शंकर सिंह और अशोक च्वहान को सफाई देनी पड़ी है उस सोनिया गांधी को यह नही भूलना चाहिए कि जब वह 13 जनवरी 1968 को दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर पहुंची थी तो उन्हे कोई और नही बल्कि अमिताभ बच्चन ही लेने पहुंचे थे. दिवंगत राजीव गांधी और सोनिया की शादी सोनिया के भारत आने के 43 दिनो के बाद हुई थी और इतनेदिनो तक सोनिया गांधी बच्चन परिवार मे ही ठहरी थी क्या सोनिया उस वक्त को भुल गयी .इतना ही नही जब राहुल और प्रियंका काफी छोटे थे तो राजीव गांधी के पास लेम्ब्रेटा स्कुटर हुआ करती थी जो जल्द स्टार्ट नही होती थी .अधिकतर सोनिया व राजीव गांधी के स्कूटर पर बैठ जाने के बाद अमिताभ स्कूटर को को धक्का दिया करते थे . क्या ये बात सोनिया गांधी और कांग्रेस के लोग भूल गये. ये बात सौ प्रतिशत सही है कि अशोक चव्हान को दुनिया नही जानती है लेकिन अमिताभ का कृत्तित्व और व्यक्तितव को दुनिया जानती है और अमिताभ को कांग्रेसियो ने जो अपमान किया है वो किसी भी नजरिये से उचित नही हैं. इस मामले का दूसरा पहलू भारत सभी का है और मुंबई सभी की है फिर अमिताभ के सीलिंक के उदघाटन के मौके पर पहुंचकर कांग्रेस को क्यो आपत्ति है .सी लिंक कांग्रेस की बपौती नही है रही बात मोदी की तो नरेंद्र मोदी की तारीफ तो स्वयं रतन टाटा, सुनील मित्तल, अनिल और मुकेश अंबानी ने भी की है तो क्या कांग्रेस अब इन उधोगपतियों का भी विरोध शुरू करेगी.....क्रमश:

1 comment:

  1. अमिताभ को लेकर इतना ववाल क्यों ?

    आपको निमंत्रण मिले तो नहीं जायेंगे ?.
    अमर के साथ "दोस्ती" का सम्मान गलत है?
    "यु.पी." के मूल निवास होकर ब्रांड एम्बेसडर बनाए जाने पर क्यों इनकार करें ?
    "महाराष्ट्र" उनकी कर्म भूमि है..."पुल" की महता समझते हैं.
    "गुजरात" के पर्यटन को बढ़ावा देना क्या "राष्ट्र हित" में नहीं है ?
    ...
    http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_26.html

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