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Thursday, July 23, 2009

ये कैसे सच ....

दोस्तों मै बात करना चाहता हू सच का सामना रियलिटी शो के बारे में शो का दावा है की वो सच दिखाते है, लेकिन ऐसे सवाल जो लोगो के जीवन में जहर घोल दे उस सच का क्या फायदा?
शो के अधिकतर सवाल कल्पना के आधार पर होते है, जैसे आप अपने पति या पत्नी को धोखा देंगे अगर उसे पता न चले तो... हर आदमी की कुछ न कुछ फंतासी होती है लेकिन इसका मतलब यह नही होता की वो इसको सच ही करना चाहता है।
सवाल ऐसे अश्लील होते है की लिख नही सकते, न जाने क्यो चैनल वाले प्रतियोगी की सेक्स लाइफ का ही सच जनता और सामने वाले के परिवार के सामने लाना चाहते है , हर आदमी जीवन के हर मोड़ पर झूठ बोलते है फिर सिर्फ़ एक ही क्षेत्र से सवाल क्यो
दूसरे गलती उन लोगो की भी है जो सिर्फ़ पैसे और नाम के चक्कर में आपने परिवार और ख़ुद को शर्मिंदा करते है। ऐसे लोगो को समझना चाहिए कि उनके परिवार वाले उनकी सनक के कारण क्यो मानसिक संताप झेले ।

महेश सिंह
(लेखक ईटीवी हैदराबाद में उत्तर प्रदेश डेस्क पर कार्यरत हैं)



2 comments:

  1. सुखी जीवन का रहस्य:

    रात को रात ही रहने दो, कोई सवाल न करो!!

    -बस, उसी को भेद रहे हैं ये...तो कोई कैसे सुखी रह पायेगा..Darker side of the coin should always remain in dark...कोई इन मूर्खों को समझाये.

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  2. सत्‍य बोलने की भी सीमा होती है !!

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