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Saturday, August 9, 2008

चीन ने रोके बादल ...... प्रकृति से जंग ?



बीजिंग में ८ अगस्त को ओलम्पिक उदघाटन समारोह में रोडा बनने की कोशिश में जुटे बादलों को चीन के मौसम विभाग ने रास्ता बदलने को मजबूर कर दिया। बीजिंग ओलंपिक के उद्घाटन समारोह के दौरान बारिश होने की प्रबल संभावना थी। मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक रात्रि 9 से 10 बजे के बीच बारिश होनी थी पर चीन ने प्रकृति को फिलहाल विवश कर दिया।
बारिश को रोकने के लिए बीते दिन शाम ४ बजे से रात ११.३० के बीच सिल्‍वर आयोडाइड क्रिस्टल से भरे १००० से भी अधिक रॉकेट दागे गए। बीजिंग मौसम विभाग के प्रमुख गाओ हू के मुताबिक शहर के 21 स्थानों से शाम चार बजे से रात ११.३९ बजे तक कुल 1104 रॉकेट दागे गये, जिनकी बदौलत पानी बीजिंग के अन्य इलाकों और नजदीकी हेबई प्रांत में बरस गया।
हू के मुताबिक बारिश की संभावना 90 प्रतिशत थी। बादलों में एक छोटा बुलबुला भी बारिश का सबब बन सकता था। 9।35 बजे एक घंटे के भीतर स्टेडियम में बारिश की संभावना की चेतावनी जारी की थी, लेकिन आखिर चीन प्रकृति से लड़ने में कामयाब रहा और बारिश नहीं हुई।मौसम विभाग के मुताबिक हेबई के बाओदिंग शहर में रात्रि के दौरान करीब 100 मिलीमीटर और फेंग्शान जिले में 25 मिलीमीटर बारिश हुई।
चीन ने बारिश को तो काबू में कर लिया पर अब सवाल ये उठता है कि क्या ये सब पर्यावरण को नुक्सान तो नहीं करेगा ? प्रकृति से इस तरह की छेड़छाड़ क्या उचित है ? ओलम्पिक महत्वपूर्ण है पर ये सवाल भी कम महत्वपूर्ण नही !!
आप सब इस पर राय दें !

2 comments:

  1. बहुत रोचक खबर है! यह तो एक नयी क्रान्ति का संकेत दे रही है? चीन का आर्मविश्वास चरम पर है। भारत भी ऐसा कर सकता है; किन्तु अंग्रेजी माध्यम की रट्टमार पढ़ाई ने हमारी मौलिकता को समूल नष्ट कर दिया है।

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  2. बात माध्यम की कम है, अपितु शिक्षा की अधिक है। किताबी ज्ञान से अधिक हमें व्यवहारिक ज्ञान अधिक चाहिये, और सिर्फ अपने या अपनों के बारे में न सोचते हुये संपूर्ण भारत के बारे में सोचने की अक्ल चाहिये।

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