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Friday, August 8, 2008

नीला आसमान......

जैसे कि इस सप्ताह को हमने हिरोशिमा और नागासाकी की पीडा को समर्पित कर दिया है.....और आपसे वादा किया है कि रोज़ हम शान्ति और युद्ध विराम से जुड़ी सामग्री पेश करेंगे, तो उसी कड़ी में अभी प्रस्तुत है एक जापानी प्रार्थना, जो कहती है कि भविष्य शान्ति में ही है ............ हिरोशिमा हमें सिखाता है क्यूंकि यह विध्वंस ही नही प्रेरणा भी है ! इस कविता का अंग्रेज़ी अनुवाद जिम मेसन ने किया है उनका आभार ...

Aoi Sorawa ( नीला आसमान )
Let us leave our children skies of blue
That burning August morning
even shadows burnt away
That weight of fathers mothers brothers sisters lives
We carry and we hold.

Let us leave our children skies of blue.

That night the essence of thousands
vanished silent into space
Now float like lantern lights to sea
Let us leave our children skies of blue.

Put out the fires of war
from every nation in the world
May peace and love and liberty
and life glow in our handshakes
In our voices in our songs
Let us leave our children skies of blue.

अब जिम मेसन का आभार व्यक्त करते हुए इस कविता का हिन्दी अनुवाद करने का साहस में कर रहा हूँ.....

आओ हम अपने बच्चो के लिए एक नीला आसमान छोड़ चलें
वो अगस्त की जलती सुबह
जब छाया भी जल गई थी
तब से हम हजारों
माता पिता और भाई बहनों का बोझ लिए
फिरते हैं
इसलिए विरासत में अब
आओ हम अपने बच्चो के लिए एक नीला आसमान छोड़ चलें

वो रात जब हजारों
बिना आवाज़ खो गए सितारों में
उनकी खुशबू आज भी
समंदर के ऊपर तिरती है
इसलिए विरासत में अब
आओ हम अपने बच्चो के लिए एक नीला आसमान छोड़ चलें

दुनिया के हर मुल्क से
युद्ध की आग बुझा कर
हमारे मिलते हुए हाथों में
शान्ति, प्रेम, स्वतंत्रता
और जीवन चमक उठे
अपनी आवाजों और गीतों में
आओ हम अपने बच्चो के लिए एक नीला आसमान छोड़ चलें

1 comment:

  1. जितनी अच्‍छी प्रस्‍तुति, उतनी ही उम्‍दा आपकी सोच है। बहुत सुंदर।

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