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Thursday, December 4, 2008

एक न्यूज़ चैनल की ब्रेकिंग न्यूज़ का स्वरुप देखिये

दो दिन पहले की बात है , एक चैनल केरल के मुख्यमंत्री अच्युतानंदन के शहीद उन्नीकृष्णन पर दिए गए बयान पर भाकपा के वरिष्ठ नेता अतुल अनजान का फोनों कर रहा था , घर के बाहर से लौटाए जाने के बाद अच्युतानंदन ने जो बयान दिया उस पर अतुल अनजान ने अपनी बात कुछ इस तरह से रख्खी ( ध्यान दीजियेगा शब्दों पर ) जब किसी के जवान बेटे के साथ इस तरीके ( मृत्यु) की घटना होती है , तो स्वाभाविक रूप से माँ-बाप अपना आपा खो बैठते हैं और अपने क्षोभ पर काबू नही रख पाते ..........लेकिन इसको लेकर मुख्यमंत्री का बयान अफ़सोस जनक है ........... अनजान अपनी बात पूरी कर पाते इससे पहले ही एंकर उनसे उलझ पड़ी की अनजान साहब यानी आपका कहना है की संदीप के पिता ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है ..... उसके बाद तो लगातार एंकर इसी बात को दोहराती रही और बेचारे अनजान बार बार यही कहते नज़र आए की आप मुझे भी तो बोलने दीजिये ........और अंत में उन्होंने खीझ कर फ़ोन काट दिया लेकिन तब तक चैनल पर ब्रेकिंग न्यूज़ के तौर पर फ्लैश हो चुका था - "मानसिक संतुलन खो बैठे हैं संदीप के पिता , भाकपा नेता अतुल अनजान का बयान" एंकर साहिबा आपा खोने और मानसिक संतुलन खोने के भावार्थ में अन्तर ही नही समझ पायीं , लेकिन उन्होंने एक न्यूज़ तो ब्रेक कर ही दी ..........

6 comments:

  1. ye phono maine bhi suna tha aur atul anjan ne usme mansik santukan khone ki baat kahi thi. ye word unhone use kiya tha i remember dis. baad me jawab dene se bachte rahe aur kahne lage...aap hi bol lijiye mai kya bolu...
    cheap neta....
    inka paksh to na hi liya jaye to behtar...

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  2. सामान्य जानकारी का आभाव और भाषा पर कमजोर पकड़.. पता नहीं कहां से पकड़ कर लाते हैं..

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  3. इन न्यूज़ चैनलों की अजीबो गरीब हरकते अक्सर देखनें को मिलती ही रहती हैं।लेकिन शिकायत किस से करे कोई..

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  4. salute aapki parkhi nazar aur nirma super dono ko .lage rahe lucknow ke sher.

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  5. भाई, स्टूडियो में विराजमान बंदर के हाथ उस्तरा लगेगा तो ऐसा ही होगा...

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  6. टीव्ही चैनल्स के एंकरों के व्यवहारिक ज्ञान और उनके आस-पास के घटनाक्रमों से जुड़ाव को बड़े क़रीब से महसूस कर रहा हूँ। एंकर मामले में चैनल्स अक्सर चेहरा देखते हैं ना कि कंटेंट......तब बात का बतंगड़ तो बनेगा ही...बीपी या पेनल समेत ऊपर के लोगों की मजबूरी है एंकर की बात पर डटे रहने की...टीव्ही का प्रतिनिधि फेस जो होता है एंकर.....तब ऐंसी ग़लती तो होना ज़ायज़ है ही।

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