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Monday, December 1, 2008

यह सब तकलीफदेह है....

यह निहायत ही तकलीफ की बात है की जब जब हमने अपने ब्लॉग पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ कोई सार्थक बहस शुरू की तब तब वह हमेशा मुद्दे से भटक गई। यहाँ तक की आतंकवाद पर हर दायरे से ऊपर उठ कर बात करने की अपील करने वाले भी धार्मिक हो चले......
इस समय वाकई असहाय महसूस कर रहा हूँ ( शायद कुछ लोग यही चाहते हैं ! ) पर इतना स्पष्ट करना चाहूँगा किकुछ भी हो जाए CAVS संचार को धार्मिक राजनीति का अड्डा नहीं बनने दूँगा...हम पत्रकार हैं ...बेहतर होगा कि वैसा ही बर्ताव करें.....अब बस करिए
यह ब्लॉग किसी हिन्दू या मुस्लिम के दिल की भड़ास निकालने के लिए नहीं है .....मैंने पहले ही विनती की थी .... ना तो हम मुस्लिम लीग और जमायत के हिमायती हैं और ना ही किसी बजरंग दल या हिन्दू महासभा के !
हमें क्षमा करें हम निष्पक्ष पत्रकार है....किसी मज़हबी संस्था के मुखपत्र नहीं !
इसलिए आप सभी जो किसी धर्म विशेष की पैरवी करने अथवा किसी मज़हब के ख़िलाफ़ ज़हर उगलने की मंशा रखते हैं ..... आप कृपया इस ब्लॉग का प्रयोग ना करें .... आप इस काम के लिए व्यक्तिगत या सामूहिक अन्य ब्लॉग बनाने हेतु स्वतंत्र हैं ! कृपया हमें कुछ वाकई सार्थक करने दें .....
हम क्षमा प्रार्थी हैं किसी आपके मज़हबी उद्देश्यों में हम साधक नहीं बन सकते ! किसी ने कहा किसी धमकी न दें तो बन्धु यह प्रार्थना है...वैसे भी उग्रपंथियों ( किसी भी धर्म के ) के आगे एक आम आदमी केवल प्रार्थना ही कर सकता है !
इसीलिए हमने यह निर्णय लिया है कि हम इस प्रकार की किसी भी पोस्ट से अपनी छवि एक कट्टरपंथी ब्लॉग की नहीं बनने देंगे .....बेहतर होगा कि हम मुद्दों की बात करें......
वैसे भी मुल्क की ज़रूरत आज हिंदू या मुसलमान नहीं ....... हिन्दुस्तानी होना है !
क्षमाप्रार्थी
केव्स परिवार !
( हमारे पास लगातार प्रतिक्रियाएं और मेल आई जिसके फलस्वरूप यह प्रार्थना की जा रही है। CAVS की धर्मनिरपेक्ष छवि हम सभी के लिए ज़रूरी है। )

2 comments:

  1. suru to aap ne hi kiya tha.chaliye jald raste per aagaye.

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  2. मालविका जी क्षमा चाहोंगा पर मैंने साम्प्रदायिकता या धर्म मंच की बात नहीं की थी....आतंकवाद पर चर्चा शुरू की थी.....
    कृपया पुरानी पोस्ट पढ़ कर ही कोई निष्कर्ष निकालें.....निष्कर्ष के पहले प्रेक्षण और विश्लेषण आवश्यक होता है !

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