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Tuesday, December 2, 2008

वक़्त की पुकार......

दहशतगर्दो के मंसूबे पानी में मिल जाने हैं
हम उनकी औकात से वाकिफ , वो न हमको जाने हैं
हम वो हैं, जो देश की खातिर जीते हैं, और मरते हैं
वक़्त सही है , दुश्मन के अब होश ठिकाने लाने है
हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई सबको हिंद से प्यार बहुत
जो भी दुश्मन इसको देखे वो सब मार गिराने है
मिलकर अपने देश को यारों , सूरज जैसा चमका दो
दहशत की दुनिया से बच कर गुलशन यूँ तामीर करो
ज़ुल्मत को दुनिया से मिटाओ , जालिम को ज़ंजीर करो.

(मुल्क में नाजुक हालात के मद्देनज़र भाईचारगी ही सबसे अहम है-
..........आपका अलाउद्दीन -अय्यूब )

1 comment:

  1. बहुत बढ़िया रचना !शुभकामनायें !

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