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Saturday, October 11, 2008

जरा याद करो कुर्बानी

आज से ब्लॉग पर मुद्दा सिर्फ़ लोकनायक और उनका जीवन होगा। हम एक सार्थक बहस उनके जीवन इमर्जेंसी के जेपी ,स्वतंत्रता संग्राम के जेपी और उसके भी बाद व्यवस्था के ख़िलाफ़ तूफ़ान का रुख मोड़ते जेपी के ऊपर चर्चा करेंगे। मेरा अनुरोध के केव्स के समस्त ब्लॉग वीरों से की हम जेपी के जीवन पर इस चर्चा के आह्वाहन को सफल बनायें।

2 comments:

  1. आज से ब्लॉग पर मुद्दा सिर्फ़ लोकनायक और उनका जीवन होगा।

    आशु
    क्या यह आदेश है ?
    या कोई धमकी है ?
    क्या आप सबके लिए मुद्दा और लिखने का विषय निर्धारित करेंगे ?
    मैं लोकनायक का कट्टर अनुयायी हूँ पर इस तरह से लिखना उचित नही है आशु !
    आपके इरादे नेक हैं पर शायद लिखने के तरीके में थोडी नरमी लायें बाकी हम सब जे पी को प्रणाम करते हैं
    चर्चा शुरू करें सम्पूर्ण क्रान्ति और जे पी पर
    हम साथ हैं
    पर ब्लॉग हर विषय के लिए है जो भी पत्रकारिता से जुडा है !

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  2. ashu akhir tum sab par apni marzi kyu tohp rahe ho?

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