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Tuesday, October 7, 2008

जीवन के कुछ अनमोल पल

जीवन के कुछ हसीं पल ,
जो कभी याद आते है,
तो कभी गुद -गुदाती है,
पर हर पल यह एहसास दिलाते है
की कोई तो है जो हमारे पास है ,
जो हमारे दिल का बना एहसास है ,
जिसके बिना सुना पड़ा आवास है ,
जिसके बिना अब न भूख है और न प्यास है ,
पर हमें उनके अब भी आने की आस है ,
अब तो भगवान पर टिकी हुई आस है ,
लेकिन फ़िर होता एह्ससा है
हम भी तो भगवान की ही संतान है
उन्ही का ही तो वरदान है ,
तो फिर क्यो दिल में उठी यह भ्रम की प्यास है ,
न कोई दूर है, न कोई पास है,
अब हम आने वाली दुनिया है,
इसे लिए भगवान से जोड़ रखी आस है.

1 comment:

  1. जिस तरह की भीषण शब्द अग्नि इन दिनों इस ब्लॉग पर फैली हुई है ..... आपकी कोमल कविता एक सुखद आश्चर्य है !

    जैसे सूने सेहरा में बादल की आहट
    वो मुस्कराहट

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